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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 9वें महीने में ये संकेत मिल रहे हैं तो बचà¥â€à¤šà¤¾ बाहर आने के लिठनहीं है तैयार
कंसीव करने के दिन से लेकर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पूरे नौ महीनों तक अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के आने का इंतजार रहता है। वहीं इस दौरान डिलीवरी के दरà¥à¤¦ का डर à¤à¥€ मन में रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के नौवे महीने में दरà¥à¤¦ और असहजता से आपको पता चल जाता है कि डिलीवरी की डेट जलà¥â€à¤¦ ही आने वाली है लेकिन कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इससे अलग होता है।
वैसे तो महिलाओं को डिलीवरी से पहले ही लेबर पेन के संकेत मिलने लगते हैं, लेकिन कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ संकेत होते हैं जो ये बताते हैं कि नौ महीने पूरे होने के बाद à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¤¾ अà¤à¥€ बाहर आने के लिठतैयार नहीं है।
यहां हम आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही शारीरिक संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैा जिनकी मदद से आप ये समठसकती हैं कि अà¤à¥€ आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ बाहर आने के मूड में नहीं है।
पेट में संकà¥à¤šà¤¨
माना जाता है कि कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ यानी संकà¥à¤šà¤¨ होना डिलीवरी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ का संकेत होता है, लेकिन कई महिलाओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से कई महीने पहले ही कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। वहीं अगर डिलीवरी डेट के आसपास कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ हो तो महिलाà¤à¤‚ इसे लेबर पेन मान लेती हैं, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको कम से कम à¤à¤• घंटे तक इंतजार करना चाहिठऔर अगर तब à¤à¥€ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ बना रहता है तो असà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाना सही होगा।
शिशॠको बà¥à¤–ार हो जाने पर सिरà¥à¤« ये चीजें खिलाà¤à¤‚
कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦
कà¥à¤› महिलाओं को डिलीवरी की डेट से कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ पहले ही कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ के आसपास हलà¥â€à¤•ा दबाव महसूस होने लगता है। शिशॠके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में नीचे की ओर सिर करने पर ये दबाव और बढ़ सकता है। इसलिठअगर आपको कूलà¥â€à¤¹à¥‡ में दबाव महसूस होने के साथ चलने-फिरने में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिकà¥â€à¤•त नहीं हो रही है तो आपको इंतजार करना चाहिà¤à¥¤
सीने में जलन
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में सीने में जलन बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को हर बार खाने के बाद सीने में जलन महसूस होती है। à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स की वजह से पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी होने के कारण होता है। तीसरी तिमाही में शिशॠके दबाव के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली के नजदीक आ जाता है जिससे गंà¤à¥€à¤° रूप से सीने में जलन होती है। अगर आपको à¤à¥€ सीने में जलन बनी हà¥à¤ˆ है तो आपकी डिलीवरी में अà¤à¥€ थोड़ा समय हो सकता है।
शिशॠको बà¥à¤–ार हो जाने पर सिरà¥à¤« ये चीजें खिलाà¤à¤‚
पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी
बहà¥à¤¤ कम ही à¤à¤¸à¥€ महिलाà¤à¤‚ होती हैं जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी डिलीवरी डेट पर ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ होती है। वहीं पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को डिलीवरी डेट के कà¥à¤› दिन बाद तक à¤à¥€ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ शà¥à¤°à¥ नहीं हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहो सकता है कि कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर पहले कà¤à¥€ इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤°à¤¾ नहीं होता है। लेकिन इस मामले में कà¥à¤› à¤à¥€ सटीक कह पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
इस तरह इन शारीरिक संकेतों की मदद से आप जान सकती हैं कि डिलीवरी डेट आने के बावजूद à¤à¥€ अà¤à¥€ आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ बाहर आने के लिठतैयार नहीं है। वहीं, हर महिला की पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी और शरीर अलग होता है इसलिठà¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है कि जो à¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के साथ हो बिलà¥â€à¤•à¥à¤² वैसा ही किसी अनà¥â€à¤¯ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के साथ à¤à¥€ हो। इसलिठबेहतर होगा कि आप अपने शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठजा रहे संकेतों को धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ से नोटिस करें।
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